09/08/2026
दया,करुणा,संवेदना आदि ऐसे विषय हैं कि धारक परपीड़ा बांटने में अन्याय का साथी भी बनता है। कोई उसका दुरुपयोग कर रहा होता है। सब कुछ जानते समझते हुए भी धारक अपनी संवेदना,उदारता दया और करुणा के वशीभूत हो सब कुछ किया करता है।
कोई अपने घर की रीढ़ टूटी गाय,सड़क की बता कर हमें सौंप देता है। हम उसके अन्याई,बेइमानी आचरण को पुष्ट करते हुए पीड़ित गाय को उठा लाते है। गाय शांति से मर तो सके ऐसे भावों में बहुत से प्राणियों ने अपनी पूरी जिंदगी धाम में गुजारी है। श्वानों में ऐसा अधिक होता है। घर के पालतू जीव को लेने से हमारे मना करने पर लोग रात में धाम के गेट पर फेंक कर चले गए।
बेइमानी का साथ देने का सर्वाधिक बड़ा उदाहरण लालगंज उन्नाव हाइवे है।
इस छः ( सिक्स लेन) रास्तों वाली अच्छी सड़क पर गाड़ियां फर्राटे भरती हैं। इस तरह निर्बाध गाड़ियां चल सकें इसीलिए टोल टैक्स लिया जाता है। लेकिन कब कौन गाड़ी वाला किसी गाय को बचाते हुए सपरिवार मर जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। हजारों गौवंशियों के खून से नहाये इस हाइवे से हम लगातार घायल गौवंशियों,नीलगायों आदि को ढो ढो कर ला रहे हैं। हाइवे बनने के बाद से हनुमंत धाम को इस सड़क पर अधिक भाग दौड़ करनी पड़ती है।
मूलतः यह जिम्मेदारी एन एच ए आई की है कि सड़क पर कोई व्यवधान न आए। ऐसे नियम में तो किसी बेजुबान को बेमौत मारे जाने से पहले ही सड़क से हटाना होता होगा।
दुर्भाग्य कि
खून बहाये सड़क पर तड़पते प्राणी को करुणा दया की शक्ति उठा उठा कर लाती है। जो बचा वह फिर सड़क पर निकल गया। जो मरा वह इस लोक से चला गया। यह काम भी उन्हीं एन एच आई वालों का है। जिसे हनुमंत धाम कई वर्षों से करता चला आ रहा है। एनएचआई टोल टैक्स वसूल रही है
और हम अपना दुरुपयोग करा रहे हैं। परम सदुपयोग हेतु🙏🙏