24/08/2026
गावो विश्वस्य मातरः, सर्व सौख्य प्रदायिनीः।
गौसेवा परमं पुण्यं, धर्मस्य मूलमीरितम्॥
गाय केवल एक पशु नहीं, अपितु हमारी संस्कृति की आत्मा है। उसकी सेवा में ही हमारी श्रद्धा, करुणा और परंपरा बसती है। गौमाता का दूध, गोबर और गोमूत्र – तीनों ही जीवनोपयोगी हैं और जैविक जीवनशैली का आधार हैं।
गौ सेवा मात्र सेवा नहीं, एक संवेदना है – जिसके माध्यम से हम प्रकृति, संस्कृति और आत्मा से जुड़ते हैं।
आइए, हम सभी मिलकर गौ माता की सेवा और संरक्षण के इस पवित्र कार्य में सहभागी बनें।
#गौसेवा