20/11/2025
16 साल बाद पिता पुत्र को chw संस्था ने मिलवाया
बेटे से मिलने के बाद पिता ने त्यागे प्राण
भोपाल। वृद्धआश्रम में रह रहे 65 वर्षीय मोहनलाल नामदेव इसी वर्ष अगस्त माह में एक डंडे के सहारे पैदल चलकर आसरा वृद्धाश्रम पहुंचे थे। श्री नामदेव पिछले 16 सालों से पारिवारिक विवाद के चलते अपने घर वालों से अलग रहकर जीवन यापन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 16 साल परिवार से अलग रहकर सड़कों पर भीख मांगकर निकाले हैं। इसी माह उनको सीने में अचानक दर्द होने पर चित्रांश ह्यूमन एंड वेलफेयर संस्था के पदाधिकारी मोहन सोनी ने बुजुर्ग को चिरायु अस्पताल में भर्ती किया। जिसके बाद समाज सेवी मोहन सोनी ने नासिक में रहने वाले श्री नामदेव के भाई से फोन पर बात कर जानकारी दी। नासिक से मिलने आए भाई ने उज्जैन निवासी भतीजे मयंक नामदेव का नंबर दिया । वृद्ध नामदेव के बेटे मयंक से बात कर संस्था के पदाधिकारी ने बुजुर्ग के स्वास्थ्य की जानकारी दी। बेटे मयंक ने बुजुर्ग नामदेव के लड़ाई झगड़े ओर उनकी नशे की बुरी आदतों के बारे में बताया । CHW संस्था के मोहन सोनी के लगातार काउंसिलिंग करने के बाद मयंक 9 नवम्बर की रात को उज्जैन से चिरायु अस्पताल आकर पिता से मिला। अगले दिन सुबह 8 बजे पिता ने अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। जिसके बाद बेटे ने अपनी मां और राजस्थान में रहने वाली अपनी बहन को पिता के निधन की जानकारी दी। स्वर्गीय मोहनलाल का अंतिम संस्कार गृह जिले उज्जैन में किया गया।