28/07/2025
आप भंडारे लगाते हैं, पूजा करते हैं, महादेव की आराधना करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उस भंडारे के बाहर वो भूखा कुत्ता कैसा महसूस कर रहा होगा?
जब हम भगवान का नाम लेते हैं, तब उनका असली संदेश भी याद रखना चाहिए — सभी जीवों के प्रति दया और करुणा।
अगर हम सड़कों के कुत्तों को मार-मार कर भगा देते हैं, तो क्या महादेव हमसे खुश होंगे?
भंडारा इंसानों के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए है। भंडारा दिल का होना चाहिए, जहाँ सबके लिए जगह हो — इंसान हो या जानवर।
तो आइए, इस बार जब पूजा करें, तो थोड़ी दया भी बांटें। भूखे कुत्तों को खाना दें, उनकी देखभाल करें। यही सच्चा धर्म है, यही भगवान की कृपा है।
महादेव भी तब खुश होंगे, जब हम उनके रचनाओं से प्यार करेंगे।
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