Gau Gram Sewa Samiti Punjab

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18/11/2015
आज मानसा में परम गौ भक्त दविंदर सिंह टेकसला जी के पास जाने का मौका मिला जो हजारों केंसर पीडितों को गऊमुत्र से  स्वस्थ कर...
09/01/2015

आज मानसा में परम गौ भक्त दविंदर सिंह टेकसला जी के पास जाने का मौका मिला जो हजारों केंसर पीडितों को गऊमुत्र से स्वस्थ कर चुके हैं ।

जय गऊ माता जय गोपाल ।
31/12/2014

जय गऊ माता जय गोपाल ।

*०*गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।*०**०*गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्महो जाती है।*०**०*गाय का घी ...
30/12/2014

*०*गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।*०*
*०*गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म
हो जाती है।*०*

*०*गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में
भी उपचार होता है।*०*

*०*(20-25 ग्राम) घी व मिश्री खिलाने से शराब,
भांग व गांझे का नशा कम हो जाता है।*०*

*०*गाय का घी नाक में डालने से कान
का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है।*०*

*०*नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है
और दिमाग तरोताजा हो जाता है।*०*

*०*गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर
निकल कर चेतना वापस लोट आती है।*०*

*०*गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त
होकर नए बाल भी आने लगते है।*०*

*०*गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक
शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।*०*

*०*हाथ पाव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में
मालिश करें जलन ठीक होता है।*०*

*०*हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच
घी खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी।*०*

*०*गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व
कब्ज की शिकायत कम हो जाती है।*०*

*०*गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक
व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है*०*

*०*गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर
मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।*०*

*०*अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक
चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।*०*

*०*हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के
घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा।*०*

*०*गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से
रोकता है और इस बीमारी के फैलने
को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है। *०*
*०*जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और
चिकनाइ खाने की मनाही है तो गाय
का घी खाएं, हर्दय मज़बूत होता है।*०*

*०*देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक
क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के
खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है।*०*

*०*घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और
पिसी शक्कर (बूरा) तीनों को समान मात्रा में
मिलाकर लड्डू बाँध लें। प्रातः खाली पेट एक लड्डू
खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास
मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के
प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर
मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है.*०*
*०*फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम
मिलता है।*०* *०* गाय के घी की झाती पर मालिस करने
से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायक
होता है।*०*

*०*सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम घी पिलायें उपर से
जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे
उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष
कम हो जायेगा।*०*

*०*दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने
से माइग्रेन दर्द ठीक होता है। *०*
*०*सिर दर्द होने पर
शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के
घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक
हो जायेगा।*०*

*०*यह स्मरण रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल
नहीं बढ़ता है। वजन भी नही बढ़ता, बल्कि वजन
को संतुलित करता है । यानी के कमजोर
व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे
व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।*०*

*०*एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4
चम्मच पिसी काली मिर्च इन
तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात
को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से
आँखों की ज्योति बढ़ती है।*०*

*०*गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर
घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग
सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर
मिला दें। इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर
कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे
जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक
कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है। यह सौराइशिस के
लिए भी कारगर है।

*०*गाय का घी एक अच्छा (LDL) कोलेस्ट्रॉल है। उच्च
कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय
का घी ही खाना चाहिए। यह एक बहुत
अच्छा टॉनिक भी है।*०*

*०*अगर आप गाय के घी की कुछ बूँदें दिन में तीन बार,
नाक में प्रयोग करेंगे तो यह त्रिदोष (वात पित्त और
कफ) को संतुलित करता है।*०* गौशाला village baghar pathankot

गौ माता की सेवा करने से दस साल में भारत ऐसा बन गए गा :- 1 रोग मुक्त भारत ।    2 कर्ज मुक्त भारत ।   3  प्रदुषण मुक्त भार...
18/12/2014

गौ माता की सेवा करने से दस साल में भारत ऐसा बन गए गा :- 1 रोग मुक्त भारत ।
2 कर्ज मुक्त भारत ।
3 प्रदुषण मुक्त भारत ।
4 अपराध मुक्त भारत ।
5 कुपोषण मुक्त भारत ।
6 अन्न युक्त भारत ।
7 ऊर्जा युक्त भारत ।
8 रोजगार युक्त भारत ।
9 स्वालमभी भारत ।
10 सुखी भारत ।
11 समर्थ भारत ।

24/11/2014
02/11/2014

अमेरिका के कृषि विभाग द्वारा प्रकाशित हुई पुस्तक ”
THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY ” के
अनुसार प्रकृति ने समस्त जीव-जंतुओं और
सभी दुग्धधारी जीवों में केवल गाय ही है जिसे ईश्वर
ने 180 फुट (2160 इंच ) लम्बी आंत दी है
जो की एनी पशुओ में ऐसा नहीं है जिसके कारण गाय
जो भी खाती-पीती है वह अंतिम छोर तक जाता है |
लाभ :- जिस प्रकार दूध से मक्खन निकालने
वाली मशीन में
जितनी अधिक गरारियां लगायी जाती है उससे
उतना ही वसा रहित मक्खन निकलता है , इसीलिये गाय
का दूध सर्वोत्तम है |
गो वात्सल्य :- गौ माता बच्चा जनने के 18 घंटे तक
अपने बच्चे के साथ रहती है और उसे चाटती है इसीलिए
वह लाखो बच्चों में भी वह अपने वच्चे को पहचान
लेती है जवकि भैंस और जरसी अपने बच्चे
को नहीं पहचान पायेगी | गाय जब तक अपने बच्चे
को अपना दूध नहीं पिलाएगी तब तक दूध नहीं देती है ,
जबकि भैस , जर्सी होलिस्टयन के आगे चारा डालो और
दूध दुह लो |
बच्चो में क्रूरता इसीलिए बढ़ रही है
क्योकि जिसका दूध पी रहे है उसके अन्दर ममता नहीं है
|
खीस :- बच्चा देने के गाय के स्तन से जो दूध
निकलता है उसे खीस, चाका, पेवस, कीला कहते है , इसे
तुरंत गर्म करने पर फट जाता है | बच्चा देने के 15
दिनों तक इसके दूध में प्रोटीन की अपेक्षा खनिज
तत्वों की मात्रा अधिक होती है , लेक्टोज ,
वसा ( फैट ) एवं पानी की मात्रा कम होती है |
खीस वाले दूध में एल्व्युमिन दो गुनी , ग्लोव्लुलिन
12-15 गुनी तथा एल्युमीनियम की मात्रा 6
गुनी अधिक पायी जाती है |
लाभ:- खीज में भरपूर खनिज है यदि काली गौ का दूध
( खीझ) एक हफ्ते पिला देने से
वर्षो पुरानी टीबी ख़त्म हो जाती है |
सींग :- गाय की सींगो का आकर
सामान्यतः पिरामिड जैसा होता है ,
जो कि शक्तिशाली एंटीना की तरह आकाशीय
उर्जा ( कोस्मिक एनर्जी ) को संग्रह करने का कार्य
सींग करते है |
गाय का ककुद्द ( ढिल्ला ) :- गाय के कुकुद्द में
सुर्य्केतु नाड़ी होती है जो सूर्य से अल्ट्रावायलेट
किरणों को रोकती है , 40 मन दूध में लगभग 10 ग्राम
सोना पाया जाता है जिससे शरीर की प्रतिरोधक
क्षमता बढती है इसलिए गाय का घी हलके पीले रंग
का होता है |
गाय का दूध :- गाय के दूध के अन्दर जल 87 % वसा 4
%, प्रोटीन 4% , शर्करा 5 % , तथा अन्य तत्व 1 से 2
% प्रतिशत पाया जाता है |
गाय के दूध में 8 प्रकार के प्रोटीन , 11 प्रकार के
विटामिन्स , गाय के दूध में ‘ कैरोटिन ‘ नामक प्रदार्थ
भैस से दस गुना अधिक होता है |
भैस का दूध गर्म करने पर उसके पोषक ज्यादातर ख़त्म
हो जाते है परन्तु गाय के दूध के पोषक तत्व गर्म करने
पर भी सुरक्षित रहता है |
गाय का गोमूत्र :- गाय के मूत्र में आयुर्वेद
का खजाना है , इसके अन्दर ‘ कार्बोलिक एसिड ‘
होता है जो कीटाणु नासक है , गौ मूत्र चाहे जितने
दिनों तक रखे ख़राब नहीं होता है इसमें कैसर को रोकने
वाली ‘ करक्यूमिन ‘ पायी जाती है |
गौ मूत्र में नाइट्रोजन ,फास्फेट, यूरिक एसिड ,
पोटेशियम , सोडियम , लैक्टोज , सल्फर, अमोनिया,
लवण रहित विटामिन ए वी सी डी ई , इन्जैम आदि तत्व
पाए जाते है |
देसी गाय के गोबर-मूत्र-मिश्रण से ‘ प्रोपिलीन
ऑक्साइड ” उत्पन्न होती है जो बारिस लाने में
सहायक होती है | इसी के मिश्रण से ‘ इथिलीन
ऑक्साइड ‘ गैस निकलती है जो ऑपरेशन थियटर में काम
आता है |
गौ मूत्र में मुख्यतः 16 खनिज तत्व पाये जाते है
जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाता है |
गाय का शरीर :- गाय के शरीर से पवित्र गुग्गल
जैसी सुगंध आती है जो वातावरण को शुद्ध और पवित्र
करती है |
जननी जनकार दूध पिलाती ,
केवल साल छमाही भर |
गोमाता पय-सुधा पिलाती ,
रक्षा करती जीवन भर |
जय गौ माता

पीडा द्वारा चलाये जाने वाले गोबर गैस  जनरेटर को  देखने ओर समझने  लुधियाना  में  गऊ ग्राम सेवा  समिति के सदस्य  गए ताकि ग...
12/10/2014

पीडा द्वारा चलाये जाने वाले गोबर गैस जनरेटर को देखने ओर समझने लुधियाना में गऊ ग्राम सेवा समिति के सदस्य गए ताकि गौशालाऐं आत्मनिर्भर बन सकें ।

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Gopal Nagar, Drive Shyama Prashad Mukherjee Hospital
Jalandhar
144008

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