हरिहर गौशाला
इस संसार में गौ एक अद्भुत प्राणी है, जो वास्तव में सबके लिए कल्याणकारी एवं पूजनीय है. अपने शास्त्रों के अनुसार गाय में तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का वास है. केवल गौमाता की सेवा से ही अपने सम्पूर्ण देवी देवताओं की सेवा संपन्न हो जाती है. इसीलिए गौमाता को सर्वदेवमयी और सर्वतीर्थमयी कहा गया है. गौ की परिक्रमा से सम्पूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा हो जाती है. इस प्रकार गौ माता भारतवासियों की पर
म आराध्य है.
इतिहास में हम पड़ते हैं की प्राचीन काल में एक-एक आश्रम में हजारों-लाखों गायों की सेवा होती थी. आज हमें यह सब काल्पनिक लगता है, परन्तु राजस्थान में पथमेडा नामक एक तीर्थ है जोकि दुनिया की सबसे बड़ी गौशाला है, जहाँ एक लाख से भी अधिक गौवंशों का पालन पोषण और सेवा होती है. यह भारत वसियौं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है.
एक साधारण व्यक्ति गौमाता को सिर्फ दूध के लिए ही पालता है और दूध के घटने के कारण वह गौपालन छोड़कर भैंस, अमेरिकन जर्सी एवं अन्य विदेशी पशुयों को पालता है जिस कारण भारतवर्ष में बिमारियों एवं बीमारों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती जा रही है. इसी समस्या का समाधान करने हेतु हरिहर गौशाला गौमाता के गोबर और गौमूत्र से गौशाला को कैसे स्वावलंबी बनाया जा सके और गौ दूध को किस तरह बढाया जा सके इस पर कार्य करेगी ताकि गौमाता भारतवर्ष में पुनःस्थापित हो सके.