06/08/2022
#विशेष_सूचना_गौवंश_के_लिए
इस लंपी स्कीन महामारी के बचाव के लिए फिटकरी को गर्म पानी में उबालकर फिर ठंडा पानी मिलाकर गायों पर छिड़काव किया।🙏😊👏
🐄।। ौ_माता_की।।🐄
#बचाव_और_रोकथाम
सभी पशुपालक भाइयों से निवेदन हैं की Lumpy skin disease के प्रकोप को देखते हुए अपने गौवंश को एक ही स्थान पर रखें,गौशालाओं में पशुओं का प्रवेश व बहिर्गमन रोके। गौवंश को घर से खेत या खेत से घर ना लाये, रोगी गायों को स्वस्थ गायों से अलग बाड़े में बाँधे। यह एक वायरस जनित रोग है जो LSDV ( Neethling virus ,Genus -capripox virus )से होता है । यह मच्छरों, मख्यियों एवं जू से तथा संक्रमित पशु के लार, दूषित पानी व चारे से एक पशु से दूसरे पशु में फैलाया जाता हैं इसलिए साफ सफाई रखें। यह रोग काफी पुराना हैं लेकिन हमारे देश में इस बार ही आया हैं। यह रोग मुख्य रूप से गायों में होता हैं परन्तु भैंस वंश में भी पाया जाता है। दूसरे पशुओं को इस रोग से कोई खतरा नहीं है। यह रोग तेजी से फैलता है और 80% तक गौवंश को संक्रमित कर देता हैं (Morbidity) एवं घरेलू गौवंश में मृत्युदर (Mortality) मात्र 1% हैं।
कुपोषित एवं निराश्रित गौवंश में इस रोग से 5% तक मृत्युदर हैं। जिस क्षेत्र में यह रोग अभी तक नहीं फैला है(3 km परिधि )तो गॉट पॉक्स का टीकाकरण करवाएं।पशु चिकित्सक के परामर्श से सामान्य लक्षण आने पर 5-7दिनों तक दर्द व बुखार की दवा सुबह शाम देवें,पशु ठीक हो जाएगा।गंभीर लक्षण (न्यूमोनिया) आने पर नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था के निर्देशन में एंटीबायोटिक ,दर्द बुखार, मल्टीविटामिन व एन्टीहिस्टामिनिक के इंजेक्शन लगवाएं।साथ ही घावों को एक प्रतिशत लाल दवा के घोल से धोवे।